दादी-नानी और पिता-दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा. यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं... इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें.. रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं. उसी की यहाँ जानकारी दी गई है. इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है. किसी भी दवा और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें.
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नोट : यहाँ पर प्रस्तुत आलेखों में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी को संकलित करके पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयास किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि इनमें बताई गयी दवाओं/तरीकों का प्रयोग करने से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लेना उचित होगा।-राजेश मिश्रा

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गुरुवार, अक्तूबर 29, 2015

राज का ये नुस्खा अपनाएं बवासीर से निजात पाएं

Home Remedies for Hemorrhoids (Piles)

इसे इस्तेमाल करने के बाद फायदे और नुकसान से राजेश मिश्रा को अवगत जरूर कराएं... मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है... 

बवासीर (Piles) आजकल एक आम बीमारी के रूप में प्रचलित है। इस रोग मे गुदे की खून की नसें (शिराएं) फ़ूलकर शोथयुक्त हो जाती हैं, जिससे दर्द, जलन और कभी कभी रक्तस्राव भी होता है। बवासीर का प्रधान कारण कब्ज का होना है। जिगर मे रक्त संकुलता भी इस रोग कारण होती है। मोटापा, व्यायाम नहीं करना और भोजन में रेशे (फ़ाईबर) की कमी से भी इस रोग की उत्पत्ति होती है।

बवासीर दो प्रकार की होती है-

1. खूनी बवासीर :- अंदर की बवासीर से खून निकलता है इसलिए इसे खूनी बवासीर कहते हैं।
2. बादी-बवासीर :- बाहर की बवासीर में दर्द तो होता है लेकिन उनसे खून नहीं निकलता है इसलिए इसे बादी-बवासीर कहते हैं।

बवासीर रोग होने के कारण :-

  • मलत्याग करते समय में अधिक जोर लगाकर मलत्याग करना।
  • बार-बार जुलाव का सेवन करना।
  • बार-बार दस्त लाने वाली दवाईयों का सेवन करना।
  • उत्तेजक पदार्थों का अधिक सेवन करना।
  • अधिक मिर्च-मसालेदार भोजन का सेवन करना।
  • अधिक कब्ज की समस्या होना।
  • वंशानुगत रोग या यकृत रोग होना।
  • शारीरिक कार्य बिल्कुल न करना।
  • शराब का अधिक मात्रा में सेवन करना।
  • पेचिश रोग कई बार होना।
  • निम्नस्तरीय चिकनाई रहित खुराक लेना।
  • घुड़सवारी करना।
  • गर्भावस्था के समय में अधिक कष्ट होना तथा इस समय में कमर पर अधिक कपड़ें का दबाव रखना।
  • रात के समय में अधिक जागना।
  • मूत्र त्याग करने के लिए अधिक जोर लगना।
  1. मस्से के लिये कई घरेलू ईलाज हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण और आधार भूत बात यह है कि रोगी को 24 घंटे में 4 से 6 लिटर पानी पीने की आदत डालनी चाहिये। ज्यादा पानी पीने से शरीर से विजातीय पदार्थ बाहर निकलते रहेंगे और रोगी को कब्ज नहीं रहेगी जो इस रोग का मूल कारण है।
  2. हरी पत्तेदार सब्जियां,फ़ल और ज्यादा रेशे वाले पदार्थों का सेवन करना जरुरी है।

बवासीर रोग में निम्न घरेलू उपचार परम हितकारी हैं:-

1.) कलमी शोरा और रसोंत बराबर मात्रा में लेकर मूली के रस में पीस लें,यह पेस्ट बवासिर के मस्सो पर लगाने से तुरंत राहत मिलती है।
2) जमींकंद को भोभर मे भून लें और दही के साथ खाएं।
3) कमल का हरा पता पीसकर उसमे मिश्री मिलाकर खाने से बवासीर का खून बंद हो जाता है|
4) नाग केशर ,मिश्री और ताजा मक्खन सम भाग मिलाकर खाने से बवासीर रोग नियंत्रण में आ जाता है|
5) गुड़ के साठ हरड खाने से बवासीर में लाभ मिलता है|
6) बवासीर में छाछ अमृत तुल्य है| छाछ में सैंधा नमक मिलाकर लेना उचित है|
7) मूली के नियमित सेवन से बवासीर ठीक होने के प्रमाण मिले हैं|
8) गेंदे के हरे पत्ते 10 ग्राम, काली मिर्च के 5 दाने मिश्री 10 ग्राम सबको 50 मिली पानी में पीस कर मिला दें | ऐसा मिश्रण चार दिन तक लेते रहने से खूनी बवासीर खत्म हो जाती है| 
9 ) बिदारीकंद और पीपल समान भाग लेकर चूर्ण बनालें। ३ ग्राम चूर्ण बकरी के दूध के साथ पियें।
10) कडवी तोरई की जड को पीसकर यह पेस्ट मस्से पर लगाने से लाभ होता है।
11 ) करंज, हरसिंगार, बबूल, जामुन, बकायन, ईमली इन छ: की बीजों की गिरी और काली मिर्च इन सभी चीजों को बराबर मात्रा में लेकर कूट पीसकर मटर के दाने के बराबर गोलियां बनालें। 2 गोली दिन में दो बार छाछ के साथ लेने से बवासिर में अचूक लाभ होता है।
12 ) आक के पत्ते और तम्बाखू के पत्ते गीले कपडे मे लपेटकर गरम राख में रखकर सेक लें। फ़िर इन पत्तों को निचोडने से जो रस निकले उसे मस्सों पर लगाने से मस्से समाप्त होते हैं।
13 ) कनेर के पत्ते, नीम के पत्ते, सहजन के पत्ते और आक के पत्ते पीसकर मस्सों पर लगावें जरूर फ़ायदा होगा।
14) चिरायता, सोंठ, दारूहल्दी, नागकेशर, लाल चन्दन, खिरेंटी इन सबको समान मात्रा मे लेकर चूर्ण बनालें। 5 ग्राम चूर्ण दही के साथ लेने से पाईल्स ठीक होंगे।
15) एलोवेरा( ग्वार पाठा) का गूदा मस्सों पर लगाने से सूजन दूर होती है।
16 ) विटामिन सी (एस्कोर्बिक एसीड) खून की नलिकाओं को स्वस्थ बनाती है। ५०० एम जी की २ गोली रोज लेना उपकारी है।
17) पके केले को बीच से चीरकर दो टुकडे कर लें और उसपर कत्था पीसकर छिडक दें,इसके बाद उस केले को खुली जगह पर शाम को रख दें,सुबह शौच से निवृत्त होने के बाद उस केले को खालें, केवल 15 दिन तक यह उपचार करने से भयंकर से भयंकर बवासीर समाप्त हो जाती है।
18 ) हारसिंगार के फ़ूल तीन ग्राम काली मिर्च एक ग्राम और पीपल एक ग्राम सभी को पीसकर उसका चूर्ण तीस ग्राम शकर की चासनी में मिला लें,रात को सोते समय पांच छ: दिन तक इसे खायें। इस उपचार से खूनी बवासीर में आशातीत लाभ होता है। कब्ज करने वाले भोजन पदार्थ वर्जित हैं।
19) दही और मट्ठे के नियमित उपयोग से बवासीर में हितकारी प्रभाव होता है।
20) प्याज के छोटे छोटे टुकडे करने के बाद सुखालें,सूखे टुकडे दस ग्राम घी में तलें,बाद में एक ग्राम तिल और बीस ग्राम मिश्री मिलाकर रोजाना खाने से बवासीर का नाश होता है|
21) एक नीबू लेकर उसे काट लें,और दोनो फ़ांकों पर पांच ग्राम कत्था पीस कर छिडक दें, खुली जगह पर रात भर रहने दें,सुबह बासी मुंह दोनो फ़ांकों को चूस लें,कैसी भी खूनी बबासीर दो या तीन हफ़्तों में ठीक हो जायेगी।
22) आम की गुठली का चूर्ण शहद या पानी के साथ एक चम्मच की मात्रा में लेते रहने से खूनी बवासीर ठीक होती है।
23) सूखे आंवले का चूर्ण रात को सोते वक्त मामूली गरम जल से लें । अर्श में लाभ होगा।
24) अब मैं यहां खूनी बवासीर का एक उपचार प्रस्तुत कर रहा हूं जो आश्चर्य जनक रूप से लाभकारी है और एक ही रोज में खून गिरना बंद कर देता है। नारियल की जटा को जलाकर भस्म(राख) करलें और एक शीशी में भरलें। करना ये है कि ३ ग्राम भस्म एक गिलास मट्ठे या दही के साथ उपयोग करें। उपचार खाली पेट लेना है। ऐसी खुराक दिन मे तीन बार लेना है। बस एक दिन में ही खूनी बवासीर ठीक करने का यह अनोखा उपचार है।

Here are the top 6 home remedies for hemorrhoids.

1. Ice

The first home treatment that is highly recommended is ice. Ice will help constrict the blood vessels, reduce swelling and give you immediate pain relief.
Apply an icepack or a partially melted piece of ice wrapped in a cloth directly on the affected area for about 10 minutes. Do this several times a day until the hemorrhoid goes away.
You can even use a small pack of frozen vegetables such as peas or corn. Wrap the pack in a tea towel and then apply it on the hemorrhoid. Do this for 20 minutes at a time, three times a day.
2. Aloe Vera

Aloe vera is one of nature’s best ingredients for treating hemorrhoids. The anti-inflammatory and therapeutic properties of aloe vera help reduce the irritation of hemorrhoids. Aloe vera can be used for both internal and external hemorrhoids.
For treating external hemorrhoids, apply a little bit of aloe vera gel to your anus and slowly massage the area. This simple remedy will give relief from the pain and soothe the burning sensation.
To treat internal hemorrhoids, cut aloe vera leaves in strips. Make sure to cut off the thorn-like parts of the plant. Place the slices in a container and freeze them. Apply the icy cold aloe vera strip to the painful hemorrhoid to relieve the pain, burning, and itching sensation.
3. Lemon Juice

Lemon juice contains various nutrients that can give you relief from hemorrhoids by strengthening the capillaries and blood vessel walls.
Saturate a cotton ball with freshly squeezed lemon juice and apply it on the hemorrhoid. Initially there will be some mild tingling or a burning sensation, but relief from the pain will soon follow.
Alternatively, squeeze half a lemon into a cup of hot milk and drink it. Do this every three hours for best results.
Mix one-half teaspoon each of lemon juice, ginger juice, mint juice and honey together. Take this once a day.
4. Almond Oil

Almond oil, known for its emollient and deep tissue absorption properties, is used mainly for external hemorrhoid treatment. Dip a cotton ball in pure almond oil and apply it on the affected area. It moisturizes and eases inflammation, and will relieve the burning and itching sensation in and around the anus. Do this several times a day.
5. Olive Oil

Olive oil has anti-inflammatory and antioxidant properties and is used primarily to treat external hemorrhoids. It will help increase the elasticity of blood vessels, which in turn will help reduce inflammation and shrink the size of swollen blood vessels in the anal canal.
Consume one teaspoon of olive oil daily. It will help reduce inflammation and the monounsaturated fats will improve the functionality of the excretory system.
Crush the juice out of some plum leaves and add it to olive oil. Apply this mixture on your hemorrhoids. It will give you relief from the pain and swelling.
6. Whole Grains

Start eating whole grain products if you suffer from hemorrhoids. Whole grain products contain a good amount of fiber, which is highly effective in relieving hemorrhoid symptoms and bleeding.

This nutrient helps clean out the gastrointestinal system, preventing constipation and allowing the colon to work more efficiently. Fiber-rich foods can soften stool and increase its bulk, which helps reduce straining during bowel movements. Some of the best whole grain products are oats, barley, maize, brown rice, millet, quinoa and buckwheat.

शनिवार, अक्तूबर 03, 2015

रात में 8 घंटे की नींद रोज लेनी चाहिये

नींद से कंजूसी गंभीर परिणाम

नींद से कंजूसी करने से मोटापा, इम्‍यून सिस्‍टम कमजोर, दिल की बीमारी, मधुमेह, स्‍ट्रोक, हाइ बीपी, सिरदर्द, उम्र कम हो सकती है : राजेश मिश्रा

इन दिनों रात को देर से सोना मानों एक फैशन सा हो गया है। आप रात से सुबह तक पार्टी करते हैं और फिर हल्‍की सी नींद ले कर दूसरे दिन सुबह ऑफिस पहुंच जाते हैं। आज कल यही लाइफस्‍टाइल पूरे देश के युवाओं में फैली हुई है। कभी कभी ऑफिस का भारी काम पड़ने पर भी रात को नींद पूरी नहीं हो पाती। रात में 6 घंटों की नींद पूरी करना हर शरीर के लिये आवश्‍यक है। नियम के अनुसार आपको रात में 8 घंटे की नींद रोज लेनी चाहिये।



जी हां! वैज्ञानिकों ने शोध में पाया है कि अगर किसी वजह से रात की नींद ना ले पाएं हो तो ये सीधा आपके जीन पर असर डालता है। ये शरीर की जैविक घड़ी को नियंत्रित करने वाले जीन को प्रभावित करता है जिससे जीन को नुकसान पहुंचेगा। 

पहले भी नींद की कमी से होने वाले घातक परिणामों का पता कई शोधों से मिला है। नींद की कमी आपके मैटाबॉलिजम पर उलटा असर डालती है। साथ ही अगर आप मोटे हो रहें हो तो आपको सोने और जागने के समय पर ध्यान देना होगा। यहां तक की कम नींद लेने से टाइप 2 डायबटीज का भी खतरा मंडराता रहता है।
अब शोध से पता चला है कि शरीर की जैविक घड़ी को नियंत्रित करने वाले जींस नींद ना लेने की वजह से घट जाते हैं। जिसकी वजह से जींस को नियंत्रित करने वाले डीएनए अणु तेजी से बढ़ते हैं। 

डीएनए अणुओं के बढ़ने से जींस के खुलने और बंद होने का खतरा दोगुना हो जाता है। इसके अलावा एक हफ्ते से ज्यादा यदि सोनें में दिक्कत है तो ये 700 से ज्यादा जींस को प्रभावित करेगा जिसमें इम्यून सिस्टम, तनाव सभी कुछ आता है। इसलिए जरुरी है की आप अपनी नींद का बेहतर ख्याल रखें। 

अगर आप रात को देर से सोएंगे और दिन में जल्‍दी उठेगें तो आपके दिमाग को इसका खामियाजा भुगतना पडे़गा। इससे आपके शरीर में कई सारी बीमारियां भी पैदा हो सकती हैं। तो चलिये जानते हैं कि रात को देर से सोने पर हमारे शरीर पर क्‍या-क्‍या बुरे प्रभाव पड़ते हैं। 

मोटापा बढता है

मोटापा तभी बढता है जब आप अपनी नींद को पूरा नहीं करते। अगर आप रात में 6 घंटे की नींद पूरी नहीं करेगें तो आपका फैट मैटोबॉलिज्‍म बढ जाएगा।

इम्‍यून सिस्‍टम कमजोर बनता है

रात को जगने से आपकी वाइट ब्‍लड सेल्‍स खराब हो जाती हैं जो कि आपके शरीर को इम्‍यूनिटी प्रदान करते हैं।

दिल की बीमारी

रात को देर से सोने पर दिल कमजोर बनता है।

मधुमेह

रात को देर से सोने से शरीर का होर्मोन इंबैलेंस हो जाता है। शुगर बढने लगती है और आप मधुमेह के रोगी बन सकते हैं।

स्‍ट्रोक

कई लोगों को रात में देर से सो कर जल्‍दी उठना पड़ता है, जिससे उन्‍हें कम नींद मिलती है। इससे दिल पर प्रेशर आता है और कार्डियेक अरस्‍ट का खतरा बढ जाता है।

हाइ बीपी

अगर आपको पूरी नींद नहीं मिलेगी तो आप स्‍ट्रेस में आ जाएंगे और हमेशा स्‍ट्रेस में रहने से आकपा बीपी बढ सकता है।

सिरदर्द

रात को देर से सोना और सुबह जल्‍दी उठना आपके दिमाग को ब्रेन हैमरेज तक की कगार पर पहुंचा सकता है।

उम्र का कम होना

अगर आप एक स्‍वस्‍थ लाइफस्‍टाइल नहीं अपना रहे हैं तो निश्‍चित ही आकी उम्र के दिल कम हो सकते हैं। रात को देर से सोने आपकी उम्र कम हो सकती है।

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